आज उसने मेरा मैसेज नही देखा दो , पहर बीत गए , इंतजार मे मेरे अंशु सूख गए पर जब देखा तो कुछ कहा ही नही मेरे मैसेज का जवाब दिया ही नही मेरा दिल टूट कर वही रो पड़ा मेरे अंशु मुसलसल गिरते रहे मैं चाह कर भी कुछ नही कर पा रहा उनका इनकार करना भी , नही सुन पा रहा मेरी रूह भी मुझे छोड़ना चाह रही हैं कैसा है तु , तुझे कोई नहीं चाह रही है ? सब छोड़ कर उनका होना चाहता हु हर दुवाओं में उनको ही मांगता हु सांसे भी मेरी साथ नही दे रही अब वो मुझसे बात भी नही कर रही मेरा हर सपना टूट गया हर ख्वाब खो गए जो लम्हे देखे थे मैने , वो मुझसे ही रूठ गए ये प्यार , ये मोहब्बत , ये जज्बात , ये अहसास उनकी आंखे , उनका चहरा , उनकी आवाज , उनकी मुस्कान ये जो ख्वाब आंखो ने देखे थे मेरे ये जो लम्हे सजाए थे मैने कही जाकर अंधेरे में खो गए हैं मेरे पंशी वापस आकर सो गए हैं अब खुदा भी मुझे रूठ गया क्यो तु , उसके लिए टूट गया ? न कर ऐसा तु , फना हो जायेगा क्या तेरा तड़पना मुझसे सहा जायेगा ? मेरा प्यार सदा उसका ही रहेगा खुदा भी इस बात का गवाह रहेगा मेरे जीवन का हर अहसास , तुझसे ही रहेगा। Khuda B...
Comments
Post a Comment